Sunday, May 9th, 2021

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कोविड19 से ठीक होने के बाद हृदय जांच जरूरी:- – डॉ नीरज जैन, मेडिकल डारेक्टर एवं डायरेक्टर – हृदय रोग विशेषज्ञ मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद

  • कोविड19 मुख्यतः एक स्वास की बीमारी के रूप में शुरू हुई
  • लॉन्ग कोविड विश्व भर के डॉक्टरों एवं वैज्ञानिकों के परेशानी का कारण बना हुआ है।
  • कोविड19 से संक्रमित मरीज जो कि हृदय रोग से भी ग्रस्त है उनके अस्पताल में भर्ती होने की संभावना सामान्य मरीज की तुलना में 6 गुना बढ़ जाती है एवं उनमें मृत्यु दर 12 गुना बढ़ जाती है।

कोविड19 मुख्यतः एक स्वास की बीमारी के रूप में शुरू हुई परंतु समय के साथ-साथ अब ये लगने लगा है कि ये मल्टी ऑर्गन सिस्टम की बीमारी है। कोविड19 मुख्यतः हमारे फेफड़ों को निशाना बनाती है परंतु लॉन्ग कोविड विश्व भर के डॉक्टरों एवं वैज्ञानिकों के परेशानी का कारण बना हुआ है।

हमें आज ये मालूम है कि कोरोना वायरस किसी भी आदमी के छीकने एवं खाँसने से हवा में फैलता है परंतु इसे सिर्फ फेफड़ों की बीमारी नहीं माना जा सकता

डॉ नीरज जैन, मेडिकल डायरेक्टर एवं डायरेक्टरहृदय रोग विशेषज्ञ मैट्रो अस्पताल फरीदाबाद ने  बताया कि “कोविड19 से हृदय की नाड़ियों में थक्का बनने की संभावना बढ़ जाती है जिससे हार्ट अटैक का खतरा है। आज कल इसके कारण कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक की समस्या देखने मे आ रही है। कोविड19 के मरीज़ो में हृदय की मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण हार्ट फेलियर की समस्या देखने मे काफी आ रही है।

ये वायरस हमारे शरीर के सभी कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है जिसमे फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क, आँत और रक्त कोशिकाएं शामिल हैं। इसीलिए बचाव में ही इसका ईलाज है । कोरोना वायरस के भारत मे आने के बाद चिकित्सा विशेषज्ञों को अब ये जानकारी है कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा एवं हृदय व अन्य रोगों से ग्रस्त मरीजों में कोरोना वायरस किस प्रकार से नुकसान पहुँचता है। परन्तु प्रमुख एवं जरूरी सलाह यही है कि हमें कोरोना वायरस को गंभीरता से लेना होगा और कोरोना वायरस हमसे दूर रहे इसके लिए प्रयत्न करने होंगे। हृदय रोगों के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना एवं लक्षण आने पर नजदीक के अस्पताल में सलाह लेना।“

डॉ नीरज जैन ने बताया “ऐसा नहीं लगता कि हृदय रोगियों को कोरोना संक्रमण होने की संभावना ज्यादा होती है, परंतु इन रोगियों में कोरोना वायरस का ईलाज़ मुश्किले पैदा कर सकता है। सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, न्यूयॉर्क के आंकड़ों के अनुसार कोविड19 से संक्रमित मरीज जो कि हृदय रोग से भी ग्रस्त है उनके अस्पताल में भर्ती होने की संभावना सामान्य मरीज की तुलना में 6 गुना बढ़ जाती है एवं उनमें मृत्यु दर 12 गुना बढ़ जाती है।“

यह पाया गया है कि कुछ मरीज जो कि कोविड 19 से ग्रस्त थे उन्होंने कुछ समय के बाद हृदय, मस्तिष्क एवं किडनी के रोगों के लक्षणों को महसूस किए।“

“अब हम कोविड19 से ठीक हुए मरीज़ो को ये सलाह दे रहे है कि उन्हें हृदय रोगों के लक्षणों का ध्यान रखना है । अब यह सबूत मिल रहे है कि कोविड19 का हमारे शारीर पर लम्बे समय तक नुकसान दायक प्रभाव बना रहता है ।“

“यह सलाह दी जाती है कि कोविड 19 से ठीक होने के बाद मरीज हृदय की सेहत का पता लगाने के लिए किसी भी अस्पताल में जांच कराएं।

कोविड के मरीजों को कोविड से ठीक होने के बाद निम्नलिखित लक्षणों पर नज़र रखने की सलाह दी जाती है

छाती में किसी तरह का परेशानी महसूस होना। हाथों एवं बाजुओं में दर्द एवं दबाव महसूस करना। अधिक पसीना आना । अधिक थकान होना। सांस फूलना ।

इन लक्षणों के महसूस होने पर मरीज को अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह ले कर हृदय की जाँच करवाने की सलाह दी जाती है।“

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सतयुग दर्शन विद्यालय में सम्पन्न हुई अन्तर्विद्यालीय विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

दिनांक:08-05-2021को शाम 4:00-5:30 बजे सतयुग दर्शन विद्यालय की तरफ़ से एक वर्चुअल अन्तर्विद्यालीय विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में फरीदाबाद के सतयुग दर्शन विद्यालय के अतिरिक्त अन्य चार प्रसिद्ध विद्यालयों- सैफरॉन पब्लिक स्कूल, महादेव देसाई पब्लिक स्कूल, रावल इंटरनेशनल स्कूल व सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल आदि के प्रतिभागियों ने भाग लिया। सतयुग दर्शन विद्यालय ने मेजबानी के साथ-साथ प्रतियोगिता में भाग भी लिया।

इस प्रतियोगिता का आद्यान्त वर्चुअल आयोजन सतयुग दर्शन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पूरी जी के मार्गदर्शन में किया गया।

इस प्रतियोगिता में प्रत्येक विद्यालय की टीम के सामने पाँच राउंड रखे गए। प्रत्येक राउंड में दस प्रश्न रखे गए। जैसा कि पहले ही बताया गया है कि यह प्रतियोगिता विज्ञान से संबंधित प्रश्नों से परिपूर्ण थी।

सभी प्रश्न रोचक, ज्ञानवर्धक व वर्तमान, भूत एवं भविष्य के परिपेक्ष्य से संदर्भित थे। सभी प्रतिभागियों ने दमख़म के साथ अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय देते हुए प्रश्नों के उत्तर दिए।

इस प्रतियोगिता को सम्पन्न करने के लिए टीम S D V के युवा एवं ऊर्जावान श्रीमती गीतांजलि चक्रवर्ती, श्रीमती रचना, मिस्टर सौरभ, मिस्टर अवधेश आदि सदस्यों ने कड़ी मेहनत की।

इस वर्चुअल प्रतियोगिता के समापन पर सतयुग दर्शन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी जी ने अपने सम्बोधन में सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी तथा छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए व उन्हें प्रेरित करते हुए बताया कि वर्तमान समय के छात्र भविष्य में ज्ञान-विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किन-किन तरीकों से कर सकते हैं।

सच में यह प्रतियोगिता अपने आप में एक अभूतपूर्व प्रयोग थी।

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