फरीदाबाद (पिंकी जोशी) : डी.ए.वी. सेंटेनरी कॉलेज में बी.एससी. अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य एवं भावपूर्ण ‘यादों का कारवां’ नामक विदाई समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उत्साह, उमंग और भावनाओं से परिपूर्ण रहा, जिसमें जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
इस समारोह का सफल संचालन कन्वीनर कविता शर्मा, दीक्षा गर्ग एवं डॉ. नवीन कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। उनके समन्वय और प्रयासों से कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं आकर्षक रहा।
यह विदाई समारोह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राज कुमारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन एवं संरक्षण में सम्पन्न हुआ। प्राचार्य महोदय ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, वहीं डॉ. राज कुमारी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत भाषण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रुचि मल्होत्रा उपस्थित रहीं। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में अमित कुमार, डॉ. रश्मि, डॉ. योगेश शर्मा एवं वीरेंद्र की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा को और बढ़ाया।
समारोह में विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। उनकी सहभागिता से कार्यक्रम का वातावरण और भी उत्साहपूर्ण एवं जीवंत हो गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विशेष रूप से नृत्य प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत समूह एवं एकल नृत्यों ने सभी का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। इसके अतिरिक्त संगीत, हास्य प्रस्तुतियाँ एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स के लिए भावनात्मक संदेश एवं स्मृतियाँ साझा कीं, जिससे वातावरण भावुक हो उठा। सीनियर विद्यार्थियों ने भी अपने कॉलेज जीवन के अनुभव साझा करते हुए अपने शिक्षकों एवं साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान “मिस्टर फेयरवेल” एवं “मिस फेयरवेल” जैसी उपाधियाँ भी प्रदान की गईं, जिससे समारोह में और अधिक उत्साह देखने को मिला। अंत में सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह विदाई समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यादों, भावनाओं और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक रहा, जो सभी के हृदय में सदैव संजोया रहेगा।