प्रोजेक्ट निमाया: डीएवी शताब्दी कॉलेज में ‘GenAI Ready Naari’ कार्यक्रम के दूसरे संस्करण का शुभारंभ।“ आत्मनिर्भर नारी, सब पर भारी — हरियाणा की नारी, AI की बॉस।”

फरीदाबाद (पिंकी जोशी) : डीएवी शताब्दी कॉलेज, फरीदाबाद में छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और रोजगार के अवसरों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से निमाया फाउंडेशन के सहयोग से ‘GenAI Ready Naari’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय में इस महत्वपूर्ण पहल का यह दूसरा संस्करण है। यह कार्यक्रम एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड फरीदाबाद के कोऑपरेटिव सोशल रिस्पांसिबिलिटी पहल के तहत निमाया फाउंडेशन के साथ साझेदारी में डीएवी शताब्दी कॉलेज के छात्राओं के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया है।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को AI स्किल्स, इंटर्नशिप, तकनीकी कार्यक्रमों, स्वरोजगार तथा स्टार्टअप के नवीन अवसरों से जोड़ना है। पूरे सत्र का केंद्रीय संदेश “आत्मनिर्भर नारी, सब पर भारी” रहा। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की औपचारिक शुरुआत सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन और डीएवी गान के साथ की गई जिसमें सभी विशिष्ट अतिथियों ने प्राचार्य महोदय और कार्यकारी समिति की पूरी टीम के साथ भाग लिया। निमाया फाउंडेशन टीम की ओर से तैयार की गई एक वीडियो भी इस मौके पर सभी छात्राओं के समक्ष प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर निमाया फाउंडेशन के संस्थापक मिस नव्या नवेली नंदा और मिस्टर सम्यक चक्रवर्ती उपस्थित रहे। उनके साथ माननीय मुख्यमंत्री और मिनिस्ट्री ऑफ़ हरियाणा स्किल डेवलपमेंट के प्रतिनिधि के तौर पर कॉलेज के भूतपूर्व छात्र मिस्टर अभिषेक देशवाल बतौर विशिष्ट अतिथि सम्मिलित हुए। मुख्य अतिथियों के बीच कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड फरीदाबाद के सी एस आर फाउंडेशन के लीडर श्री अशोक देसाई और प्रोजेक्ट मैनेजर मिस श्वेतल भसीन भी उपस्थित रहें।

​छात्राओं को संबोधित करते हुए अशोक देसाई ने जानकारी दी कि हरियाणा में अब तक लगभग 1500 छात्राएं इस अभियान से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल का होना अनिवार्य है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में अवसरों के विस्तार के लिए AI की भूमिका पर बल दिया और बताया कि निमाया फाउंडेशन छात्राओं को सुरक्षित करियर अवसर, इंटर्नशिप तथा रोजगार के मार्ग प्रशस्त करने में निरंतर सहयोग कर रहा है।
​विशिष्ट अतिथि माननीय मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि और महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र मिस्टर अभिषेक देशवाल ने अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि सफलता के लिए डिग्री के साथ-साथ प्रासंगिक कौशल अत्यंत आवश्यक हैं। निमाया फाउंडेशन के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने इसे “अलादीन का चिराग” बताया, जो विद्यार्थियों के लिए सीखने और आगे बढ़ने के असीम अवसर खोलता है।

ओरियंटेशन ​सत्र के दौरान मुख्य अतिथि निमाया फाउंडेशन के फाउंडर मिस नव्या नवेली नंदा और सम्यक चक्रवर्ती ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए ‘रैंचो और चतुर’ का दृष्टांत साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल परीक्षा-केंद्रित किताबी ज्ञान के बजाय रैंचो की तरह व्यावहारिक समझ और कौशल विकास पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को डिग्री से आगे बढ़कर निरंतर स्किल अपग्रेडेशन के लिए प्रेरित किया।
​कार्यक्रम में “हरियाणा की नारी यानी AI की बॉस” का प्रेरणादायक नारा दिया गया। वक्ताओं ने छात्राओं को AI तकनीक का सृजनात्मक उपयोग करने और स्वयं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का आह्वान किया। इसे केवल एक ओरिएंटेशन सत्र न मानकर आत्मविश्वास, दक्षता और नए अवसरों की यात्रा के रूप में रेखांकित किया गया।
​सत्र में कोर्स में नियमितता के महत्व पर बल देते हुए स्पष्ट किया गया कि पाठ्यक्रम में अनिवार्य उपस्थिति और निरंतरता सफलता की बुनियाद हैं—“Consistency is a great game changer”

महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य​ डॉ. नरेंद्र कुमार ने सभी विशिष्ट अतिथियों का महाविद्यालय में स्वागत करते हुए उनके आगमन को छात्राओं के लिए अत्यंत प्रसन्नता और उत्साह से परिपूर्ण बताया। इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान छात्राओं के लिए अपरिहार्य है। ‘GenAI Ready Naari’ कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और उद्योग-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने छात्राओं से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान और कौशल का समन्वय ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
समापन अवसर पर NEP Committee कोऑर्डिनेटर और इस कार्यक्रम की कन्वीनर डॉ. अर्चना सिंघल ने डीएवी परिवार की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने छात्राओं तक आधुनिक AI तकनीकी अवसर पहुंचाने के लिए सुश्री नव्या के प्रयासों की सराहना की और छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा:
​“सफलता से थोड़ी दूरी है क्योंकि तैयारी अभी अधूरी है,
वक्त लगेगा अभी लेकिन लक्ष्य पर नजर पूरी है।”
​उन्होंने छात्राओं को संदेश दिया कि AI के इस गतिशील युग में निरंतर सीखते रहना ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
​‘GenAI Value Added cum Skill Oriented Course’ की Point of Contact – POC और NEP Committee की को-कन्वीनर डॉ. बिंदु रॉय ने कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य भार संभाला एवं ओरियंटेशन प्रोग्राम के क्रियान्वयन को योजनाबद्ध रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, छात्राओं के पंजीकरण और अन्य गतिविधियों के सुचारु प्रबंधन में निमाया फाउंडेशन की फरीदाबाद प्रोजेक्ट डायरेक्टर मिस पूजा, प्रोजेक्ट मैनेजर मिस मुस्कान एवं असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर मिस अनुष्का का विशेष योगदान रहा।
इस कोर्स में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों से कुल 120 छात्राओं ने पंजीकरण कराया है और 10-09-2026 से इस कोर्स की कक्षाओं का शुभारंभ हो जाएगा जिसमें सभी नारियां हाइब्रिड मोड से AI स्किल का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
अंत तक कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और उत्सुकता बनी रही।

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