फरीदाबाद (विनोद वैष्णव )|प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान रमेश डागर ने वर्तमान में कोरोना के बढते हुए केसों को देखते हुए तथा बच्चों के स्वास्थ्य व सोसल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए सरकार द्वारा जुलाई में स्कूल खोले जाने की खिलाफत की तथा आम लोगों में प्राइवेट स्कूलों के प्रति चल रही धारण का विरोध किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूल में बच्चा हमारा होता है और हम ही बच्चे के मां-बाप होते हैं और कोई भी मां-बाप अपने बच्चे को कोरोना संक्रमित नहीं होने देना चाहता। अतः प्राइवेट स्कूलों पर लगे यह आरोप गलत हैं कि उन्होंने सरकार पर स्कूल खोलने का दबाव बनाया है ताकि फीस आ सके। हमरी प्राथमिकता केवल और केवल बच्चा है जिसके साथ किसी भी दशा में कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है।हम सदैव सरकार के आदशों का सम्मान व पालन करते हैं। फिर भी यदि सरकार स्कूल खोलने का आदेश देती है तो उसे मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यकताओं की गारंटी देनी होगी, तभी स्कूल खोले जा सकते हैं, अन्यथा विल्कुल नहीं।सरकार ने जौ डैमो क्लासों की बात कही है वह पहले राज्य के 9 जिलों में लागू करें, जहां करोना के कोई मरीज ना हों और यदि यह प्रयास सफल रहता है तो ही इसे फरीदाबाद व गुडग़ांव जिलों में लागू किया जाए। पहले बच्चा है, पढ़ाई बाद में।
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