फरीदाबाद (विनोद वैष्णव) : सेंट कोलंबस स्कूल, दयाल बाग, फरीदाबाद में ‘मदर्स डे’ के उपलक्ष्य में सलाद मेकिंग एवं फायरलैस कुकिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन प्रातः 8:30 बजे से किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी, यू केजी, प्रथम व द्वितीय के नन्हें- मुन्ने बच्चों ने तथा तीसरी से पाँचवीं के अल्फा, बीटा, डेल्टा, गामा, ओमेगा एवं सिग्मा — छह सदनों के विद्यार्थियों तथा उनकी माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ टीका समारोह तथा निदेशिका संगीता भाटी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्रतियोगिता के प्रतिभागी विद्यार्थियों तथा उनकी माताओं ने स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं आकर्षक व्यंजन तथा रंग-बिरंगे सलाद प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मकता एवं पाक-कला का सुंदर प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने ‘सलाद मेकिंग प्रतियोगिता’ व फायरलैस कुकिंग को लगभग ढाई घंटे में पूर्ण कर अपने हुनर तथा रचनात्मकता का परिचय दिया।

इस प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार रहा – कक्षा यूकेजी ने सर्वश्रेष्ठ फायरलैस कुकिंग में विजयश्री प्राप्त की। कक्षा दूसरी ने फायरलैस कुकिंग में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। कक्षा तीसरी से पाँचवीं में सर्वश्रेष्ठ सलाद मेकिंग में ओमेगा सदन विजयी रहा।
विद्यालय की निदेशिका महोदया संगीता भाटी ने माताओं के प्रेम, त्याग एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भगवान हर स्थान पर स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने माँ का सृजन किया साथ ही उन्होंने बच्चों के जीवन में माँ के महत्त्व को समझाया। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं। अध्यक्ष महोदय श्रीमान ऋषि चौधरी जी ने भी विद्यार्थियों एवं माताओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इस कार्यक्रम को माँ और बच्चों के पारस्परिक संबंध और अधिक स्नेह के बंधन में बाँधने वाला बताया।
कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, आनंद एवं स्नेह से परिपूर्ण रहा। अंत में प्रतिभागी माताओं को उपहार प्रदान किए गए तथा विजेताओं को सर्टिफिकेट व पौधे प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागी माताओं ने मदर्स डे के अवसर पर इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करने हेतु अध्यक्ष महोदय एवं निदेशिका महोदया को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं माताओं के बीच प्रेम, सम्मान एवं भावनात्मक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ बच्चों में रचनात्मकता, सहयोग एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता विकसित करना था। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लासपूर्वक हुआ।