फरीदाबाद (पिंकी जोशी) : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर डीएवी शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद में तंबाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय परिसर को नो-स्मोकिंग जोन घोषित करते हुए विभिन्न स्थानों पर “No Smoking” एवं धूम्रपान निषेध संबंधी जागरूकता पोस्टर चिपकाए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर में नो-स्मोकिंग संबंधी पोस्टर लगाए गए, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं महाविद्यालय में आने वाले अन्य लोगों को धूम्रपान से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के प्रति जागरूक किया जा सके।
यह अभियान डॉ. नरेंद्र कुमार, कार्यकारी प्राचार्य, डीएवी शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान महाविद्यालय की एंटी टोबैको टीम ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए परिसर की विभिन्न दीवारों एवं प्रमुख स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाए।
डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महाविद्यालय परिसर को धूम्रपान मुक्त रखना विद्यार्थियों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं तंबाकू एवं धूम्रपान से दूर रहें तथा अपने परिवार और समाज में भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करें। एंटी टोबैको टीम के सदस्यों ने भी विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित यह पहल स्वस्थ, स्वच्छ एवं नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण के निर्माण की दिशा में महाविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता अभियान जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
स्वतंत्रता दिवस पर डीएवी शताब्दी महाविद्यालय बना नो-स्मोकिंग जोन