फरीदाबाद (विनोद वैष्णव) | सेक्टर-21, डी. फरीदाबाद स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवाकेन्द्र पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक प्रेरणादायक एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लेकर महिलाओं की शक्ति, सम्मान और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीन जोशी (मेयर, फरीदाबाद नगर निगम) रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक महिला ही बेटी, बहन, पत्नी और माँ बनकर पूरे घर की जिम्मेदारी निभाती है। वह बच्चों, पति और अपने कार्यक्षेत्र सभी का समान रूप से ध्यान रखती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सहनशीलता और बचत करने की कला विशेष रूप से होती है तथा घर को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता भी महिलाओं में ही अधिक होती है।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक अनूठी संस्था है, जिसे मुख्य रूप से महिलाएँ ही संचालित करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में भी महिलाओं का नेतृत्व बढ़ रहा है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारी राष्ट्रपति Droupadi Murmu हैं, जो पूरे देश का नेतृत्व कर रही हैं।
कार्यक्रम में रेणु भाटिया (Chairperson, Haryana State Commission for Women) भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि महिला में वह शक्ति है जो न केवल अपने परिवार को बल्कि पूरे समाज को संभाल सकती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में प्रेम, सहयोग और संगठन की अद्भुत शक्ति होती है, जिससे वे पूरे परिवार को एकजुट रखती हैं।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब से वे ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी हैं, उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन के अभ्यास से उनका जीवन सुखमय बना और गंभीर बीमारी जैसी समस्याओं का भी समाधान मिला। उन्होंने सभी को नियमित रूप से ध्यान (मेडिटेशन) करने की प्रेरणा दी।
डॉ. अमृता ज्योति बहन (Director, Shree Ram Education Society) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य उनके अच्छे संस्कारों पर निर्भर करता है और इन संस्कारों का निर्माण एक माँ ही करती है। उन्होंने कहा कि माँ ही बच्चे की पहली गुरु और पहली पाठशाला होती है।
उन्होंने मौन की शक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि मौन और ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति के अंदर अनेक सकारात्मक शक्तियों का विकास होता है।
कार्यक्रम में राजयोगिनी बी.के. ऊषा दीदी जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला के अंदर अपार शक्ति होती है, जिससे वह हर कार्य को सफलतापूर्वक कर सकती है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से ही जीवन में प्रगति संभव है।
उन्होंने कहा कि नारी कमजोर या अबला नहीं है, बल्कि वह सबला है। जब नारी का परमात्मा से संबंध जुड़ जाता है, तब वह शिव शक्ति का स्वरूप बन जाती है।

इस अवसर पर आर.पी. हंस जी (Chairman, Lok Uthan Club) ने सभी अतिथियों को स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया और ब्रह्माकुमारी संस्था की सेवाओं की सराहना की।
कार्यक्रम में मीनू चुग जी (Director, G.B.L. School) भी उपस्थित रहीं और उन्होंने इस सुंदर एवं प्रेरणादायक आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सुंदर-सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया, जिससे वातावरण अत्यंत आनंदमय और प्रेरणादायक बन गया।
कार्यक्रम में बी.के. प्रीति ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार किया।
बी.के. रंजना ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से सभी को परमात्मा की अनुभूति कराई।
बी.के. प्रिया ने मंच संचालन को सुचारू रूप से संभाला।
अंत में ब्रह्माकुमारीज की ओर से सभी अतिथियों को सौगात एवं स्मृति-भेंट प्रदान की गई।