प्रोजेक्ट निमाया : डीएवी शताब्दी में ‘हरियाणा का GenAI रेडी नारी’ प्रोग्राम का शुभारंभ

फरीदाबाद (पिंकी जोशी) : एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत, निमाया के साथ साझेदारी में “प्रोजेक्ट निमाया” डीएवी शताब्दी महाविद्यालय की छात्राओं के लिए लॉन्च किया | महाविद्यालय ने एनजीओ ‘निमाया’ के साथ एक वर्ष का एमओयू साइन किया है जिसके तहत छात्राओं को एआई तकनीक में महारत प्रदान की जाएगी | इसका उद्देश्य छात्राओं को एआई स्किल्स में दक्षता प्रदान करते हुए भविष्य में कार्यस्थल पर मिलने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करना है | प्रोजेक्ट निमाया की यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया मिशन को सपोर्ट करती है। “हरियाणा का GenAI रेडी नारी प्रोग्राम” नाम का यह प्रोग्राम प्रतिभागियों को 5 से ज़्यादा भविष्य के लिए तैयार AI स्किल्स में महारत हासिल करने और 7 से ज़्यादा स्मार्ट वर्कप्लेस स्किल्स सीखने का मौका देता है। प्रोग्राम की मुख्य खासियत यह है कि इसमें प्लेसमेंट और ट्रेनिंग सपोर्ट शामिल है जो पूरी तरह से नि:शुल्क है। निमाया समन्वयक मुस्कान वत्स ने प्रतिभागियों को कोर्स की संपूर्ण जानकारी देते हुए इसके उद्देश्यों, संरचना और चरणबद्ध सीखने की प्रक्रिया से अवगत कराया। सहायक प्रबंधक प्रांजल सिंह ने छात्रों को नामांकन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया | महाविद्यालय की 168 छात्राओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया जिसमें से 103 छात्रों को प्रक्षिशण के लिए चुना गया है | प्रशिक्षण सत्रों का संचालन शुचिका अग्रवाल द्वारा किया जायेगा।

महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने इसे एक महत्त्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह प्रोग्राम छात्राओं के भविष्य को सँवारने में एक अच्छा परिणाम दायक साबित होगा | महाविद्यालय की तरफ से इस प्रोग्राम की समन्वयक व एनईपी समिति संयोजिका, डॉ. अर्चना सिंघल ने कहा जनरेटिव एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का सही उपयोग भविष्य में कार्यक्षेत्र में सफलता की कुंजी सिद्ध होगा और विद्यार्थियों को पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। आयोजन सचिव व एनईपी समिति सह-संयोजिका, डॉ. बिंदु रॉय ने बताया कि सात सप्ताह लंबे इस प्रोग्राम की कुल अवधि 40 घंटे की होगी जिसमें प्रशिक्षण के साथ-साथ प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी विशिष्टजनों, शिक्षकों, छात्राओं व तकनिकी समिति का धन्यवाद किया |

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