Monday, June 20th, 2022

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Posted by: | Posted on: 2 months ago

रंगारंग कार्यक्रमों की धूम स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइन्सिस ने जीता बेस्ट ऑफ इन-हाऊस जेस्ट

फरीदाबाद (विनोद वैष्णव) : लिंग्याज विद्यापीठ (डीम्ड-टु-बी यूनिवर्सिटी) द्वारा छात्रों के लिए इन-हाऊस जेस्ट का आयोजन किया गया। जिसमें बहुत से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए। इस अवसर पर लिंग्याज के 11 स्कूलों को 6 टीमों में बांटा गया। जिनके बीच रंगारंग कार्यक्रमों का मुकाबला रखा गया। फैशन शो, सोलो डांस, ग्रुप डांस, सोलो व डुएट सिंगिंग, क्विज, नुक्कड़ नाटक, स्कीट कंपटीशन हुए। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इतना ही नहीं इस खास मौके पर स्मार्ट रील ग्लोबल फिल्म फैस्टिवल 2022 का भी अनावरण किया गया।

लिंग्याज ग्रुप के चेयरमैन डॉ. पिचेश्वर गड्डे, वाइस चांसलर प्रो (डॉ). जी.जी. शास्त्री, प्रो वाइस चांसलर प्रो. जसकिरण कौर, प्रों वाइस चांसलर आरएनडी डॉ. जी.एम.पाटिल, रजिस्ट्रार प्रेम सालवान की उपस्थिती में इस समारोह का शुभारम्भ किया गया। इस खास अवसर पर डॉ. गड्डें ने कहां कि सभी छात्रों ने अपना बेस्ट पर्फॉमेंस दिया है। जिन्हें देखकर पुरानी यादें ताजा हो गई। सभी ने बहुत मेहनत की है और मेहनत हमेशा रंग लाती है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के लिए इस तरह के रंगारंग कार्यक्रम हमें उनके साथ जोड़े रखते हैं। यह संस्थान वर्तमान में उच्च शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी रहेगा। इस दौरान सभी स्कूलों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। बेस्ट ऑफ इन-हाऊस जेस्ट, फैशन शो और ग्रुप डांस आकर्षण का केंद्र रहा। जिसमें बेस्ट ऑफ इन-हाऊस जेस्ट स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइन्सिस ने जीता।

फैशन शो टीम-D SOCM और हयूमैनिटिज़ ने जीता है। वही ग्रुप डांस में टीम-F फार्मास्युटिकल ने जीता। सोलो डांस में टीम-E स्कूल ऑफ लॉ ने जीत हासिल की। सोलो सिंगिंग टीम-D SOCM और हयूमैनिटिज़, क्विज में टीम-B बेसिक साइंस, स्कीट टीम-E स्कूल ऑफ लॉ व नुक्कड़ नाटक टीम-C CSE & ECE ने जीत हासिल की। सभी विजेता टीमों को पुरस्कृत कर अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापान हुआ।

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विश्व भारती शिक्षा केंद्र चावला कॉलोनी बल्लभगढ़ का मैट्रिक परीक्षा का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम रहा

कुल विद्यार्थी 52

कुल मेरिट 21

उच्चतम अंक

तिशिता राणा 477 / 500 ( 95.4) प्रथम स्थान

तन्नू 471 /500 94.2 द्वितीय स्थान

मुस्कान अग्रवाल 470 /500 94 तृतीय स्थान

कुल 17 विद्यार्थियों ने 70% से अधिक और 14 विद्यार्थियों ने 60% से अधिक अंक प्राप्त किए I

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षा सलाहकार डॉ. एस. एन. भारद्वाज व शिक्षा सलाहकार श्रीमती

प्रवीण भारद्वाज और मुख्याध्यापक विष्णु शर्मा एवं समस्त विश्व भारती स्टाफ ने विद्यार्थियों को

उनकी शानदार सफलता के लिए बधाई दी

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योग दिवस के शुभावसर पर सतयुग दर्शन वसुन्धरा में स्थित ध्यान कक्ष के प्रांगण में

फरीदाबाद (विनोद वैष्णव )| हरियाणा के प्रमुख पयर्टक स्थल ध्यान-कक्ष यानि समभाव-समदृष्टि के स्कूल में आज बहुत ही सुदर तरीके से योग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में न केवल फरीदाबाद के स्थानीय निवासियों ने वरन्‌ एन०सी०आर० से आए सैकड़ो सजनों ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम में इंटरनेशलन योगा एकपर्ट मिस प्रियंका सिन्हा ने बड़ी ही निपुणता से उपस्थित सजनों को योगाभ्यास कराया व इसके पश्चात्‌ समभाव-समदृष्टि के स्कूल से सबको संदेश दिया गया कि योग केवल शारीरिक रूप से हृष्ट-पुष्ठ हो स्वस्थ व निरोगी रहने का साधन नहीं, न ही यह मात्र प्राणायाम या श्वास रोकने तक सीमित है, अपितु यह तो शारीरिक, मानसिक व आत्मिक बल प्रदान करने के साथ-साथ, आत्मा में जो है परमात्मा, उसका बोध/साक्षात्कार करने का माध्यम है यानि यह प्रफुल्लचित्तता से मानव धर्म अनुसार आत्मविकास के मार्ग पर प्रशस्त होते हुए, स्थूलता से सूक्ष्मता की ओर जाने का नाम है। अत: मानसिक तनावों से मुक्त हो अपने शरीर व नाड़ी संस्थान को चुस्त, स्वस्थ व लचीला बनाओ ही साथ ही समता योग द्वारा अपने मन-चित्त वब बुद्धि को भी सम यानि शांत अवस्था में साधे रखो।

इस तरह सजनों को स्पष्ट किया गया कि समत्व ही योग है अर्थात्‌ हानि-लाभ, सुख-दु:ख आदि द्वन्द्वों में समभाव रखते हुए कदाचित्त विचलित न होना ही योग कहलाता है। इस आशय से योग नाम है प्रवृत्ति और निवृत्ति के संयोग का व इसका परिणाम मोक्ष है। यदि इस योग को अपनाना चाहते हो तो याद रखो कि इसके लिए आवश्यक है, गम्भीरता से सम-भाव का चिन्तन एवं मनन कर उसे आत्मसात्‌ करने की अर्थात्‌ सर्व-सर्व ब्रह्म ही ब्रह्म भासित है, इस भाव को अपने हृदय में ठहराते हुए, तद्‌नुकूल अपने विचार व ध्यान दृष्टि को इस पर खड़ा करने की और परस्पर आत्मीयता अनुकूल व्यवहार करते हुए सजनता के प्रतीक बनने की। ऐसा करने पर ही समभावी-समदृष्ट इंसान बन पाओगे और आत्मिक ज्ञान प्राप्त कर, सभी चिंताओं/कर्म बन्धनों से मुक्त हो, परमतत्व में लीन हो पाओगे।

कहा गया कि इस उपलब्धि हेतु सजनों सदा याद रखना कि काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, आलस्य आदि योग साधना को भंग करने वाले विकारी संसारी तत्त्व हैं। अत: भूल कर भी मन को चंचल व चित्त को विकल करने वाले इन दुश्मनों के वश मे आकर भोगी मत बनना अपितु वैराग्य और अभ्यास के बल पर योग साधना को सहज सिद्ध करने वाले योगी कहलाना। कार्यक्रम के अंत में सबने समभाव का ऐसा ही योगी बनने हेतु संकल्प लिया कि:-

आत्मा और तन-मन के सहयोग से हम रक्षा करेंगे रक्षा करेंगे

मानवता के सिद्धान्त की, मानवता के सिद्धान्त की, मानवता के सिद्धान्त की

आप भी सजनों यदि चाहें तो आप भी ध्यान-कक्ष में सबके लिए समान रूप से आयोजित इन आयोजनों का हिस्सा बन सकते हैं। आप सबकी जानकारी हेतु इस ध्यान-कक्ष में बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के सदस्य के लिए, सतवस्तु के कुदरती ग्रन्थ से उद्धृत आत्मिक ज्ञान के आधार पर, समभाव-समदृष्टि की युक्ति अनुसार, सजन भाव की इसी प्रकार पढ़ाई कराई जाती है ताकि प्रत्येक इंसान हृदय सुशोभित अपनी चेतन शक्ति आत्मा का सुबोध करने में सक्षम हो, यथार्थता अनुरूप जीवन जीने के योग्य बन सके।

अधिक जानकारी के लिए ध्यान-कक्ष की वेबसाइट www.dhyankaksh.org या फिर टेलिफोन न० 8595070695 पर जाकर सम्पर्क करें।