एनआईटी तीन स्थित डी.ए.वी. शताब्दी महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वैदिक परंपरा के अनुसार हवन समारोह का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने हवन में पूर्ण श्रद्धा के साथ आहुतियाँ अर्पित कर समस्त मानवता के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. सोपोरी अपनी धर्मपत्नी मीना सोपोरी के साथ उपस्थित रहे। उनके सान्निध्य ने उपस्थित सभी सदस्यों को गुरु-परंपरा के प्रति श्रद्धा, ज्ञान और संस्कारों के महत्व का संदेश दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय में एआई पर आयोजित दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘AISLA-2026’ में प्रस्तुत शोध-पत्रों के संकलन कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स का भी मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. सोपोरी एवं मीना सोपोरी के करकमलों द्वारा लोकार्पण किया गया।कार्यकारी प्राचार्य डॉ नरेंद्र कुमार ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, वे जीवन को दिशा भी देते हैं। गुरु पूर्णिमा हमें गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देती है।
स्टाफ सेक्रेटरी एवं हवन कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अर्चना सिंघल ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और कृतज्ञता के भाव को आत्मसात करने का पर्व है। जुलाई माह में जन्मदिन मनाने वाले निशा सिंह, डॉ सुरभि, तनुजा गर्ग, माया वर्मा, अनु वशिष्ठ, गार्गी शर्मा, शिल्पी गोयल, गुलशन, रेणुका मल्होत्रा, वीरेंद्र सिंह, गौतम, तालेश्वर, अजय पाल को कार्यकारी प्राचार्य ने पौधा भेंट करते हुए शुभकामनाएँ दी और उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामना की। यज्ञकर्ता डॉ. मीनाक्षी कौशिक की भूमिका सराहनीय रही। हवन समिति में तनुजा गर्ग, नीति, गार्गी शर्मा, सुरभि, योगेश शर्मा तथा डॉ .ममता का विशेष सहयोग रहा। महाविद्यालय के लगभग 60 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।