May, 2021

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जितेंद्र बंसल द्वारा कोरोना नाशक गतिमान महायज्ञ आयोजन किया गया

आज वार्ड नंबर 38 से समाजसेवी जितेंद्र बंसल द्वारा वातावरण की शुद्धि वह असमय मृत्यु से प्राप्त आत्माओं की शांति के लिए सिद्धि करण हेतु कोरोना नाशक गतिमान यज्ञ राष्ट्र मंगल कामना की उद्देश्य से यज्ञ किया गया। इस यज्ञ का उद्देश्य है कि वायुमंडल में फैले वायरस को गो धृत वह अन्य सामग्री व मंत्रों से उत्पन्न ऊर्जा से वायरस को खत्म करना है। पर्यावरण वेदों के विद्वानों ने बताया है कि प्रदूषण वह भूतापन के चलते ओजोन के बढ़ते छेद को यज्ञ कर्म से ही रोका जा सकता है साथ ही जितेंद्र बंसल द्वारा बताया गया कि यज्ञ कितना जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं जिसका उदाहरण होने प्रकार दिया यज्ञ थेरेपी सतयुग से आज तक रोग उपचार में काफी महत्वपूर्ण मानी गयी है। जब जब पृथ्वी पर महामारी का कहर आया उसका निदान ऋषि मुनियों हमारे पूर्वजों ने अनेक ओषधियों जड़ीबूटियों आयुर्वेदिक सुगन्धित सामग्री से यज्ञ करके महामारियों से जनमानस की रक्षा की। इस यज्ञ में आमजन ने श्रद्धा पूर्वक यज्ञ का स्वागत किया और इस महामारी को भगाने में यज्ञ में आहुति डाली इस यज्ञ को समापन करने में सहयोग दिया टीम जितेंद्र बंसल से राकेश शर्मा,बबली शर्मा,अनिल गुप्ता,दिनेश चौहान,अरुण द्विवेदी,मनोज कौशिक,धर्मेंद्र अग्रवाल,मोनिका बंसल,मोहन शर्मा,सुनील दत्त,नवीन सिंगला,राजेंदर भंडारी,देवेंद्र होलकर,सत्येंद्र,महिपाल, कमल,सम्राट साह,नवीन शर्मा,अशोक सेन,सुभाष सिंगला,शिव कुमार शर्मा, गिरीश शर्मा,वह कॉलोनी के मुख्य लोग मौजूद रहे अतः जितेंद्र बंसल द्वारा लोगों से यही अपील की गई जरूरी काम के लिए बाहर निकले और मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें उचित दूरी बनाए रखें।

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लिंगायस विद्यापीठ (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 की धारा 3 के तहत नैक मान्यता प्राप्त डीम्ड विश्वविद्यालय), फरीदाबाद ने”सूचना का अधिकार: समकालीन मुद्दे और चुनौतियां” पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया

लिंगायस विद्यापीठ (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 की धारा 3 के तहत नैक मान्यता प्राप्त डीम्ड विश्वविद्यालय), फरीदाबाद ने 28 मई 2021 को “सूचना का अधिकार: समकालीन मुद्दे और चुनौतियां” पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। हमारे कुलाधिपति डॉ। पिचेश्वर गड्डे एवं कुलपति प्रो. डॉ. ए.आर. दुबे के निरंतर सहयोग से यह कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) राधेश्याम प्रसाद, डीन, स्कूल ऑफ लॉ के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
आयोजन के उद्देश्य:
सूचना का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत एक मौलिक अधिकार है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 नागरिकों को सार्वजनिक कार्यालयों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाने के लिए अधिनियमित किया गया था। इस विशेषज्ञ व्याख्यान का उद्देश्य विश्वविद्यालय के कानून के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को यह बताना था कि जानकारी कैसे प्राप्त करें, जानकारी प्राप्त करने में कठिनाइयाँ और इसके क्या उपाय है।
रिसोर्स पर्सन के बारे में-
प्रोफेसर (डॉ.) जीत सिंह मान इस आयोजन के संसाधन व्यक्ति थे जो कानून के एसोसिएट प्रोफेसर और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयूडी), दिल्ली में सेंटर फॉर ट्रांसपेरेंसी एंड एकाउंटेबिलिटी इन गवर्नेंस के निदेशक हैं। वह कानून के क्षेत्र में प्रसिद्ध व्यक्तित्व हैं और कई बार सरकारी संस्थानों द्वारा नीति निर्माण/सलाह में आमंत्रित किए जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में 175 से अधिक विशेष व्याख्यान और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में 30 व्याख्यान दिए हैं। उनके पास विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन पत्रिकाओं में 70 से अधिक लेख और पुस्तकें हैं।
कार्यक्रम का विवरण:
यह आयोजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया गया था। श्री राजीव कुमार झा, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ लॉ ने संसाधन व्यक्ति, गणमान्य व्यक्तियों, संकायों, छात्रों और अन्य प्रतिभागियों का स्वागत किया। तत्पश्चात, इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए रिसोर्स पर्सन को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने सूचना के अधिकार के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और इस अधिनियम को लाने की आवश्यकता के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। रिसोर्स पर्सन ने बताया कि कैसे सूचना का अधिकार अधिनियम देश के सुशासन में महत्वपूर्ण है और सरकारी विभागों के कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता की जांच करता है। सूचना के अधिकार ने भी भ्रष्टाचार से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की सूचनाओं के बारे में भी बताया है जो सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आती हैं, यदि किसी व्यक्ति को मांगी गई जानकारी प्रदान नहीं की जाती है तो उसके लिए उपलब्ध विकल्प क्या हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम की कुछ सीमाएँ और अपवाद हैं जैसे कि अधिनियम केवल सार्वजनिक प्राधिकरणों पर लागू होता है न कि निजी पार्टियों या कृत्रिम व्यक्तियों या संस्था पर। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम सूचना प्राप्त करने का एक साधन है और इसका उपयोग शिकायतों के निवारण के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कुछ ऐतिहासिक निर्णयों और सूचना का अधिकार अधिनियम 2019 के हालिया संशोधन पर भी चर्चा की। प्रश्न और उत्तर सत्र के दौरान छात्रों और दर्शकों द्वारा कई विचारोत्तेजक प्रश्न पूछे गए और संसाधन व्यक्ति द्वारा वाकपटुता से उत्तर दिए गए।
अंत में, स्कूल ऑफ लॉ की सहायक प्रोफेसर सुश्री श्राबनी कर द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम के परिणाम:
इस वेबिनार के प्रतिभागियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी और अंतर्दृष्टि प्राप्त की। उन्हें पता चला कि लोकतंत्र में सुशासन सुनिश्चित करने के लिए सूचना का अधिकार कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम और उसके समाधानों के कार्यान्वयन में समसामयिक मुद्दों और चुनौतियों को भी जाना।

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सतयुग दर्शन विद्यालय ने आयोजित किया दिमाग़ी विकास के विभिन्न चरणों की ज्ञानात्मक स्थितियों पर आधारित वर्चुअल कार्यक्रम

आज दिनांक 28-5-2021 को सतयुग दर्शन विद्यालय की तरफ से दो वर्चुअल वेबिनार आयोजित किए गए।
एक जूनियर वर्ग के छात्रों एवम उनके अभिभावकों के लिए।

दूसरा सीनियर विंग के छात्रों एवं उनके अभिभावकों के लिए।

दोनों ही कार्यक्रमों में लगभग 200 छात्र-अभिभावकों ने भाग लिया। इस वेबिनार का संचालन विद्यालय के चेयरमैन श्री मोहित नारंग जी एवं प्रिंसिपल श्री नीरज मोहन पुरी जी के समन्वय एवं मार्गदर्शन के तहत निष्पादित किया गया।

जूनियर विंग के छात्र-अभिभावकों को मानसिक संवेगात्मक हैल्थ कोच श्रीमती वंदना अरोड़ा जी ने विद्यालय की ही अध्यापिका श्रीमती रेखा बत्रा जी के सहयोग से प्रस्तुत किया।

श्रीमती अरोड़ा जी ने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किस प्रकार से अपने संवेगों को नियंत्रण में रखकर विचार प्रक्रिया को किस प्रकार से शुद्घ-सात्विक व परिपक्व बनाया जा सकता है।

सीनियर विंग के छात्र-अभिभावकों के कार्यक्रम में भी मुख्य वक्ता ब्रेन स्पेशलिस्ट डॉ० कृष्ण कुमार जी एवं उनकी टीम ने विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती अनुराधा नारद जी के सहयोग से बहुत सारी दिमागी कसरतें कराकर बहुत ही हल्केपन का अभ्यास कराया।
ये दोनों वेबिनार छात्रों के ही नहीं वरन सभी आम जन मानस के लिए भी उपयोगी थे।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अंत में प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी जी अपने संबोधन में बताया कि आज हमारे चारों तरफ़ एक तनावपूर्ण वातावरण बना हुआ है। ऐसे वातावरण में हम सभी को अपने संवेगों, भावनाओं व मानसिक तथा शारीरिक प्रक्रियाओं में समन्वय करना सीखना होगा।
तभी हम स्वस्थ नागरिकों, स्वस्थ समाज व स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर पाने का सपना पूरा कर पाएँगे।

वर्चुअल कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री नीरज मोहन पुरी जी ने विद्यालय की पूरी सहयोगी टीम को व बाहर से जुड़े हुए मुख्य वक्ताओं, छात्र-अभिभावकों का कार्यक्रम से जुड़ने पर साभार अभिनंदन किया।

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Webinar on Gender Sensitization

Organised by The Department of English,SOHSS

28th May,  2021

Globally, 1 in 3 women have experienced lifetime physical and/or sexual violence, with the most common form being intimate partner violence. The physical and mental health consequences of these types of violence are substantial. Violence against women and children is a grave concern, with costs at multiple levels of society. Although violence is a threat to everyone, women and children are particularly susceptible to victimization because their rights are often overlooked and they often lack appropriate means of protection. In some societies, certain types of violence are considered socially or legally acceptable, thereby further contributing to the risk to women and children. Violence against women and children has tremendous costs to communities, nations and societies.

The Department of English took this opportunity to host  a Webinar on Gender Sensitization. The object of this Webinar  was to apprise all those who are associated with Lingaya’s  about the need of gender sensitisation and why it is relevant.

The event was well attended by students which indicated their involvement in  issues  related to gender. Our keynote speakers were Professor Fauzia Khan from Jamia Millia Islamia and Dr Rashmi Maniar from Lingaya’s Vidyapeeth. Professor Fauzia set the mood for the webinar by stating how Women’s Rights were Human Rights and vice versa. She spoke at length about the issues surrounding Gender stereotypes. Dr Rashmi too enlightened us about how we can provide spaces for gender sensitization starting from our very homes. She focused on how the youth could be instrumental in bringing about changes in the society.

The event was conductedunder the patronage of our esteemed Chancellor , Dr Picheshwar Gadde. He pointed out how Lingaya’s group has always given equal opportunities to all it’s students whether male or female.  He also spoke at length about how men and women both should share their social responsibilities equally. Honorable VC, Dr A.R Dubey commented on how women are making a difference in spheres previously delineated only to men.  His thoughts on Gender during this trying time were well received.  Associate Dean, Dr Anchal Mishra gave the welcome address. Her inspirational words were the core of the webinar. Other team members Dr Priya Raghav, Dr Rashmi Maniar, Dr Hanan Khan and Ms Vandana Kaushik were there to oversee the event. The webinar was a successful one and was well attended. Indeed, many thought-provoking questions were raised throughout the webinar.

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AZADI KA MAHOTSAV-A CELEBRATION OF FREEDOM

India got freedom from British rule on August 15, 1947. However  there were many sons of Mother India who sacrificed their lives to get this freedom. Our freedom fighters fought a long drawn battle to free our country from the clutches of Imperial rule. Incidents like the Jallianwala Bagh remain deeply entrenched in our memory. Who can forget the sacrifice of Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev. They are the immortal heroes of India. The Department of English took this opportunity to pay homage to our freedom fighters by conducting a poster making and story telling event in their honour on 22nd May 2021.

The title of poster making competition was “ My Perception of Freedom in India”.  Students had the opportunity to creatively express what freedom meant to them in the 21st century. The event was well attended by students who showcased their concerns on gender, corruption and  a secular India through their posters.  Manisha Vats, Nayanmooni Gogoi and Priyanka were the winners of the poster making competition.

The theme of the following activity of storytelling competition was “The Untold Story of Our National Heroes”.

Telling stories gives us a sense of culture, history, and personal identity. Storytelling passes on personal, historical, or cultural events or experiences so they transcend to shared experiences. Storytelling alters individuals, changing them into families, groups, communities, and even nations. Students gave an overwhelming tribute to our unsung heroes. Akanksha, Pritya and Gayatri emerged as winners of the story telling competition.

The event was conductedunder the patronage of our esteemed Chancellor , Dr Picheshwar Gadde. The inaugural address was given by Honorable VC, Dr A.R Dubey.  His thoughts on freedom during this trying time set the mood of the entire event. The department was also honored to have the presence of Dean Academics, Registrar and Deans from other departments as well. HODs of other departments too graced the occasion.  Associate Dean, Dr Anchal Mishra gave the welcome address. Her inspirational words were the core of both activities. Other team members Dr Priya Raghav, Dr Rashmi Maniar, Dr Hanan Khan and Ms Vandana Kaushik were there to oversee both the activities. Sandeep Kaul sir was present throughout the story telling competition. The event was a successful one and students participated in both the activities with full enthusiasm. The event was well attended and the true meaning of Azadi was brought home.

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National Webinar organized on topic-National Education Policy 2020

We know that National Education Policy (NEP) 2020 was approved on July 29 in the Union Cabinet meeting, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi. The new policy, which replaces the 34 year old policy of 1986, aims to pave way for transformational reforms in school and higher education systems in the country. National Education Policy aims to keep the current and future generations ‘Future Ready’ while focussing on the National Values and National Goals.  

 Lingayas Vidhyapeeth organized a National webinar on National education policy 2020 under the patronage of our esteemed chancellor, Prof.(Dr.) Picheswar Gadde. National Webinar is graced by the presence of Prof.(Dr.) K.K. Agrawal, Chairman, National Board of Accreditation.

Honorable Vice Chancellor,Prof.(Dr.) A.R Dubey  welcomed  the Hon. Guest. The Webinar was honored to have the presence of Honorable Chancellor sir, Dean Academics, Registrar and Deans from all departments as well HOD’s of all departments were also present with their faculties and students. The event started by Vandana Kaushik, Asstt. Prof.(Department of English) with thanking the audience for taking out their valuable time to be a part of the Webinar. Honorable Dean Academics Pof.(Dr.) Pankaj Kumar Mishra Introduce the Honorable Guest to the audiences by giving a brief Sketch of his experience and achievements.

Prof.(Dr.) K.K. Agrawal , Chairman, National Board of Accreditation explore the National Education Policy 2020. He also gave the key highlights on New Education Policy 2020.  He gave valuable insight of policy as it depends on multidisciplinary and a holistic education system.   The new policy seeks rectification of poor literacy and numeracy outcomes associated with primary schools, reduction in dropout levels in middle and secondary schools and adoption of the multi-disciplinary approach in the higher education system. Apart from this, the policy also focuses on early childhood care, restructuring curriculum and pedagogy; reforming assessments and exams, and investing in teacher training and broad-basing their appraisal.

The event concluded by praising words of Honorable Chacellor sir, he closed the Webinar with a vote of thanks to the honorable guest and  all audiences for extending their full support and cooperation for making the event a successful one. The Webinar ended with National Anthem.

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कुलाधिपति डॉ पिचेश्वर गड्डे और माननीय कुलपति प्रो डॉ एआर दुबे के निरंतर प्रोत्साहन के साथ, 22 मई, 2021 को महिला सुरक्षा और लिंग संवेदीकरण के सामाजिक-कानूनी महत्व पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया था

कुलाधिपति डॉ पिचेश्वर गड्डे और माननीय कुलपति प्रो डॉ एआर दुबे के निरंतर प्रोत्साहन के साथ, 22 मई, 2021 को महिला सुरक्षा और लिंग संवेदीकरण के सामाजिक-कानूनी महत्व पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया था। विधि विद्यापीठ, लिंगया विद्यापीठ, फरीदाबाद के मार्गदर्शन में प्रो. (डॉ.) राधेश्याम प्रसाद, डीन, स्कूल ऑफ लॉ।

आयोजन के उद्देश्य:
इस आयोजन का उद्देश्य वर्तमान परिदृश्य में महिला सुरक्षा और लिंग संवेदीकरण के सामाजिक-कानूनी महत्व को समझना और इसके संभावित समाधान प्राप्त करना था।

वेबिनार के वक्ता के बारे में:
सलाह Advocate चित्रा सक्सेना नागपाल एक प्रख्यात शिक्षाविद हैं, जो वर्तमान में सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ लॉ, गीताम विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम के रूप में कार्यरत हैं, मुख्य वक्ता थीं। शिक्षा जगत में शामिल होने से पहले उनके पास मुकदमेबाजी का 12 साल का अनुभव भी है। उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय, एलएलबी से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। दिल्ली विश्वविद्यालय से डिग्री और एलएलएम जीजीएसआईपीयू, दिल्ली से। उन्होंने भारतीय विधि संस्थान, दिल्ली से एडीआर और कॉर्पोरेट कानून के क्षेत्र में पीजी डिप्लोमा भी प्राप्त किया।

विवरण: वेबिनार के दौरान अतिथि वक्ता ने उल्लेख किया कि हमारे समाज में लिंग भेदभाव कैसे होता है और बताया कि कैसे लिंग (SEX) लिंग (Gender) से अलग है। उन्होंने संविधान के तहत विभिन्न अपराधों के खिलाफ महिलाओं की सुरक्षा, विभिन्न दंड कानूनों, महिलाओं पर विशेष कानूनों, सूचना प्रौद्योगिकी कानून के संबंध में विधायिका के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने पूरी दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा के उत्थान के लिए अंतर्राष्ट्रीय ढांचे और मानदंडों के बारे में भी चर्चा की। महिला विशिष्ट कानून जैसे दहेज निषेध अधिनियम, 1961 और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 आदि। पोस्को अधिनियम के तहत बच्चों को दिए गए विशेष संरक्षण पर भी चर्चा की गई। वेबिनार में महिला भेदभाव के संबंध में समाज के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई और इन समस्याओं के संभावित समाधान पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम : वेबिनार का आयोजन गूगल मीट के जरिए किया गया। लिंक को विभिन्न संस्थानों के छात्रों और संकाय सदस्यों के बीच परिचालित किया गया था। वेबिनार में 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शुरुआत में सहायक प्रोफेसर श्री ईश प्रीत सिंह ने अतिथियों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। तत्पश्चात प्रतिभागियों को माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) ए.आर. दुबे ने अतिथि वक्ता के समक्ष संबोधित किया और अपने शब्दों से आभासी सभा का ज्ञानवर्धन किया। अतिथि भाषण के बाद स्कूल ऑफ लॉ के डीन डॉ. राधेश्याम प्रसाद ने प्रतिभागियों को अपने ज्ञानवर्धक शब्दों से संबोधित किया। अंत में स्कूल ऑफ लॉ की सहायक प्रोफेसर सुश्री श्राबनी कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
घटना के परिणाम: प्रतिभागी मुद्दे से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं को समझने में सक्षम थे। उन्होंने लैंगिक भेदभाव के विभिन्न आयामों को भी समझा। प्रतिभागियों को महिलाओं और लिंग भेदभाव के खिलाफ अपराधों से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय ढांचे के बारे में भी जानकारी मिली। छात्रों और श्रोताओं द्वारा कई विचारोत्तेजक प्रश्न पूछे गए और संसाधन व्यक्ति द्वारा वाकपटुता से उत्तर दिए गए।

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हयूमन लीगल ऐड एण्ड क्राईम कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन एनजीओ ने गरीबों को फल तथा मास्क वितरित किये

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव ) | हयूमन लीगल ऐड एण्ड क्राईम कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन एनजीओ के तत्वाधान में लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए आज संस्था के कार्यकर्ताओं ने नहरपार क्षेत्र के स्लम बस्तियों में जाकर लोगों को फल तथा खाने का सामान वितरित किया । संस्था की महासचिव राधिका बहल ने बताया कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में सभी व्यक्ति परेशान है। मगर लॉकडाउन की स्थिति में मजदूर वर्ग तथा स्लम बस्तियों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में एनजीओ के कार्यकर्ताओं द्वारा आज गरीब वर्ग के लोगों को फल तथा बिमारी आदि से बचने के लिए नहाने का साबुन तथा मास्क, सैनीटाईजर आदि का वितरण किया गया। कोरोना की बिमारी से बचने के लिए इम्युनिटी पावर की गोलियां तथा भांप लेने के लिए स्टीमर भी वितरित किये गये। इस अवसर पर उनके साथ संस्था से अमित साहनी, पिंकी चोपड़ा, पूनम, हरप्रसाद चड्डा आदि कार्यकर्ताओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया

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जिला जेल फरीदाबाद पर माननीय न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश फरीदाबाद वाई.एस. राठौर के निर्देश पर एक वैक्सीनेशन कैम्प का आयोजन किया गया

फरीदाबाद (विनोद वैष्णव ) | जिला जेल फरीदाबाद पर माननीय न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश फरीदाबाद वाई.एस. राठौर के निर्देश पर एक वैक्सीनेशन कैम्प का आयोजन किया गया जिसका उद्धाटन मंगलेश चैबे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद के द्वारा किया गया। उन्होंने जेल के सभी बन्दियों को जेल रेडियो के माध्यम से सम्बोन्धित किया ओर कहा कि कोविड वैक्सीन लगवाने से बन्दियों को न केवल कोरोना महामारी से बचाया जा सकेगा बल्कि यह सुरक्षित भी है। रणदीप सिंह पूनियां मुख्य चिकित्सा अधिकारी फरीदाबाद के द्वारा बन्दियों को वैक्सीन लगाने के लिये विशेष प्रबन्ध किये गये। उनके द्वारा न केवल चिकित्सा स्टाफ को जेल पर भेजा बल्कि कोविड-19 वैक्सीन भी भिजवाई है। मंगलेश चैबे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद ने बन्दियों को माननीय हाईपावर कमेटी हरियाणा के द्वारा दिनांक 11.05.2021 की मिटिंग में लिये गये फैसलों के बारे जागृत करते हुये सभी बन्दियों को विस्तार से बतलाया। माननीय न्यायाधीश द्वारा जेल के बन्दियों के हैल्थ व हाईजनिक को चैक किया व उनकी सराहना की। जेल अधीक्षक जयकिशन छिल्लर ने जेल रेडियो के माध्यम से सभी बन्दियों को सम्बोन्धित करते हुये बतलाया कि आज ये वैक्सीन कैम्प माननीय महानिदेशक कारागार हरियाणा शत्रूजीत सिंह कपूर आई.पी.एस के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया है। जेल के सभी बन्दियों को स्वैच्छिक आधार पर कोविड-19 वैक्सीन के टीके लगवाये जायेगें ताकि बन्दियों को कोविड-19 महामारी से बचाया जा सके। जेल प्रशासन द्वारा सभी बन्दियों में जागरूकता अभियान चलाकर जागरूक किया गया है। इसलिये सभी बंदी स्वेच्छिक रूप से जेल हस्पताल में आकर वैक्सीनेशन करवाने के लिये उत्साहित है।
माननीय न्यायाधीश द्वारा जिला जेल फरीदाबाद पर लोक अदालत का आयोजन भी किया गया तथा मौके पर ही लोक अदालत मंे छोटे-छोटे केसों में बन्द 8 बन्दियों को रिहा किया गया। इस अवसर पर जयकिशन छिल्लर अधीक्षक, जिला जेल फरीदाबाद, रामचन्द्र उप-अधीक्षक, अनिल कुमार उप-अधीक्षक, रोहण हुड्डा उप-अधीक्षक, डा0 मंयक पाराशर , डा0 वरूण तथा डा0 नवीन अग्रवाल तथा मेडिकल स्टाफ भी उपस्थित रहा।

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सनफ्लैग हस्पताल की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार – पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव ) | फरीदाबाद के अंदर सनफ्लैग हॉस्पिटल को सरकार के द्वारा पहले ही रिज्यूम किया जा चुका है जिसको अब कोविड सेंटर के रूप में चलाने के लिए फरीदाबाद की ही अग्रणी सामाजिक संस्था पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट आगे आई है ।पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट व फरीदाबाद के नामी सी0 बी0 एस0 ई0 स्कूल – दून भारती पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष डंगवाल ने कहा कि रिज्यूम का मतलब है कि हुड्डा से रियायती दरों पर जमीन लेने वाले अस्पताल संचालकों को नियमों का पूरा पालन करना होता है यदि नियमों का पालन नहीं किया जाता तो सरकार साइट को रिज्यूम कर सकती है | रिज्यूम होने के बाद उसके ऊपर मालिकाना हक सरकार का होता है। फरीदाबाद के अंदर पिछले कई सालों से शिक्षा, धार्मिक एवम सांस्कृतिक कार्यों में गैर सरकारी संगठन पूरन सिंह डंगवाल ट्रस्ट काम कर रहा है , जिसके संस्थापक मनीष डंगवाल ने कहा है कि यदि सरकार और फरीदाबाद प्रशासन सनफ्लैग हॉस्पिटल को पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट को कोविड सेंटर के रूप में चलाने की अनुमति देती है तो पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट इसको आगे बढ़कर बहुत बढ़िया तरीके से चलाने में सक्षम है। मनीष डंगवाल ने बताया की ऐसा लगता है कि अब तीसरी लहर भी आ सकती है इसलिए हमको पहले से ही तैयार रहना होगा। इसके प्रबंध के लिए हमें वयस्कों के साथ साथ विशेषत: बच्चों के अस्पताल पर ध्यान देना होगा | दशको से सामजिक कार्यों एवम स्कूल संचालन के अनुभव से छोटे बच्चों को संभाल पाने का अनुभव इस समय काफी काम आ सकता है | मनीष डंगवाल का कहना है की हमें आने वाली समस्याओं को भापते हुए आज ही कदम उठाना होगा | मनीष डंगवाल ने बताया कि ऐसे समय में जब देश कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी की अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रहा है तब पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वाह करते हुआ सनफ्लैग हॉस्पिटल को इस माहामारी से निपटने के लिए एक बेहतर सेंटर बना सकते हैं उन्होने आगे कहा कि जल्द ही इस संबंध में जो भी जरूरी काम या कार्यवाही होगी पूरन सिंह डंगवाल मैमोरियल ट्रस्ट उसको पूरा कर देगी ।मनीष डंगवाल जो की अनेक शेक्षिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवम सामजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका कहना है की इस विपत्ति के काल में सभी संस्थाओं को साथ मिलकर जो भी मदद संभव हो उसे आगे बढकर ज़रूर करना चाहिए |