May, 2020

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बडखल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सेक्टर-48 तथा एसजीएम नगर ई-ब्लाक की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सैनिक कालोनी पावर हाउस में सेक्टर-48 व एसजीएम नगर के लिए अलग से नया बिजली फीडर बनवाया गया है

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )। बडखल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सेक्टर-48 तथा एसजीएम नगर ई-ब्लाक की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सैनिक कालोनी पावर हाउस में सेक्टर-48 व एसजीएम नगर के लिए अलग से नया बिजली फीडर बनवाया गया है। नया फीडर बनने से इन क्षेत्रों के करीब 2500 परिवारों को बिजली की बेहतर आपूर्ति हो सकेगी तथा बार-बार होने वाली बिजली ट्रिपिंग की समस्या से छुटकारे के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति भी और बेहतर हो जाएगी।यह बात स्थानीय विधायक सीमा त्रिखा ने आज अलग बिजली फीडर बनाने के कार्य शुभारंभ करते हुए मौके पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि उक्त क्षेत्रवासियों ने दस दिन पूर्व उन्हें अपने क्षेत्र की बिजली व पानी की समस्या से अवगत करवाया था कि सैनिक कालोनी पावर हाउस से आने वाली बिजली आपूर्ति पर ज्यादा लोड होने की वजह से उनके क्षेत्र में बिजली ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है, इसलिए उनके क्षेत्र को अलग फीडर द्वारा बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाए। इस समस्या पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए मात्र दस दिन में नया बिजली फीडर लगवाकर उक्त समस्या का निदान कर दिया है, अब यहां के निवासियों को बार-बार होने वाले बिजली फाल्ट से छुटकारा मिल जाएगा तथा क्षेत्रवासियों को गर्मी के मौसम में बिजली व पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।वहीं विधायक सीमा त्रिखा ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से पिछले दो माह से ज्यादा समय से विकास कार्य बंद थे लेकिन अब कुछ हिदायतों के साथ जैसे ही विकास कार्य कराने की अनुमति मिली तो वे प्राथमिकता के तौर पर बिजली व पानी से संबंधित समस्याओं को हल कराने में जी-जान से जुटी गई हैं। इस मौके पर सतेन्द्र पांडे, अंजु भडाना, कर्मवीर बैंसला, प्रवीन चौधरी,सोनू शर्मा, अभिनव जैन, हरभगवान भाटिया, कन्हैया गर्ग व प्रीति गर्ग आदि गणमान्य जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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डिजिटल प्रणाली शिक्षा के लाभ और नुकसान

बदलते दौर में जहाँ सब कुछ डिजिटल हो रहा है, वहीँ शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। असल में देखा जाये तो इंटरनेट, मोबाइल फोन, मोबाइल एप्लिकेशन, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य आधुनिक उपकरणों के विकास होने के बाद आज की दुनिया ही डिजिटल हो गई है। वहीँ भारत में भी कई शहरों की शिक्षा प्रणाली भी आधुनिकीकृत हो रही हैं, जिससे डिजिटलीकरण के लिए रास्ता बन गया है। देखा जाये तो डिजिटल शिक्षा भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में अपनी जगह बना चुकी है।

डिजिटल शिक्षा और कक्षा की शिक्षा के बीच अंतर- :प्रतिभा चौहान

भारी भरकम बस्ते और ढेर सारी किताबों के साथ स्कूल जाना अब बीते दिनों की बात हो गई है। वह दिन अब गुजर चुके हैं, जब स्कूलों में किताबों द्वारा बच्चों को पढ़ाया जाता था। और शिक्षक अपनी बातों को समझाने के लिए ब्लैकबोर्ड का इस्तेमाल करते थे। इन सब पारम्परिक चीजों को पीछे छोड़ते हुए अब ज्यादातर स्कूलों में डिजिटल शिक्षण और अन्य डिजिटल पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है.

डिजिटल शिक्षा का छात्रों को लाभ :मनप्रीत कौर (डायरेक्टर )ngf college of engineering and technology palwal
यहाँ पर एक सवाल यह उठता है की पारम्परिक शिक्षा के बीच शुरू हो रही डिजिटल शिक्षा से बच्चों को लाभ कैसे मिलता है? तो इस सवाल के जवाब में हमें कई तर्क दिए जाते हैं। मसलन पहला तर्क है, संवादात्मक।

रुचिरा (प्रोफेसर )
डिजिटल शिक्षा के जरिए कक्षाओं का शिक्षण अधिक मजेदार और संवादात्मक बनाया जा रहा है। जिससे बच्चे इस पर अधिक से अधिक ध्यान दे। जिसके लिए वह न केवल इसे सुने बल्कि इसे स्क्रीन पर देखे भी। जिससे उनकी नई नई चीजे सीखने की क्षमता में काफी इजाफा भी हो रहा है।

डिजिटलिजेशन का यहाँ एक यह फायदा भी है की संवादात्मक ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण या संवादात्मक स्क्रीन के माध्यम से व्यावहारिक सत्र में शैक्षणिक सामग्री छात्रों को विवरणों पर और अधिक ध्यान देने में मदद करती है। जिससे वह गतिविधियों को अपनी झमता पर पूरा करने में सक्षम बनते हैं।

समय पर काम को पूरा करने के लिए बच्चों को आज ऐसे साधन चाहिए जो उनके काम में उनकी मदद करे। ऐसे में पेन और पेंसिल की बजाय आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने पर बच्चो का जहाँ समय बचता है। वहीँ बच्चे अपने कार्यों को कम समय में पूरा कर लेते हैं।

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है की किताबों को पास रख पढ़ते समय बच्चे उन पर इतना ध्यान नहीं देते, जिससे उनकी शब्दावली अधूरी और कमजोर रह जाती है। दरअसल हमारी किताबें भरपूर ज्ञान तो देती हैं, पर बच्चों को पूरी तरह से अपनी ओर खींच नहीं पाती। जिसका एक कारण किताबों का मनोरंजक तरीके से प्रस्तुतिकरण का न होना है। तो दूसरी तरफ ऑनलाइन स्क्रीन की सहायता से छात्र अपनी भाषा कौशल में सुधार कर लेते हैं। जिसमे उन्हें कठिन शब्दों के अर्थ तुरंत मिल जाते हैं। वहीँ ई-बुक से या ऑनलाइन अध्ययन सामग्री के जरिए वे नए शब्द सीखकर अपनी शब्दावली का विस्तार भी कर लेते हैं।

ज्योत्स्ना (प्रोफेसर )

कई बार ऐसी शिकायत मिलती है की छात्र कई कारणों के चलते अपने शिक्षकों से कक्षा में प्रश्न पूछने से झिझकते हैं। जिस कारण किसी भी विषय विशेष पर उनकी जानकारी या तो अधूरी रह जाती है, या फिर हो ही नहीं पाती। लेकिन डिजिटल शिक्षा के माध्यम से छात्र अपनी दुविधा को तुरंत मिटा सकते है, बल्कि उससे जुड़ी कई अन्य जानकारी भी पा सकते हैं। जिस पर हम कह सकते हैं की डिजिटल शिक्षा के माध्यम से छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार सीखने में मदद मिलती है।

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शिक्षा के माध्यमों का बेहतर विकल्प बनती जा रही डिजिटल शिक्षा के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह उपयोगकर्ता के अनुकूल है। जिसे कोई भी, कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल कर अपने पाठ्यक्रम को आसानी से पढ़ सकता हैं। मसलन यात्रा के दौरान या फिर किसी कारणवश अवकाश लेने पर छूटे हुए विषयों को हम आसानी से पा सकते हैं।
डिजिटल शिक्षा का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसके माध्यम से हमे ऑनलाइन अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है। हालाँकि अभी पूरी शिक्षा प्रणाली डिजिटल रूप में नहीं हुई है, फिर भी छात्र अपनी जरूरतों के आधार पर डिजिटल सामग्री का लाभ उठा सकते हैं। जिसके लिए छात्रों को अपनी सोच और झमता को बढ़ाना पड़ेगा, क्यूंकि यहाँ उन्हें शिक्षक के बिना ही अपने ज्ञान को बढ़ाना होता है।

डिजिटल शिक्षा के तहत ऑनलाइन शिक्षा के साथ-साथ छात्र दूर बैठे सलाहकारों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकते हैं। जो हर समय उनकी समस्याओं को हल करने के लिए मौजूद रहते हैं।

डिजिटल शिक्षा का छात्रों को नुकसान:
बदलते ज़माने में समय के साथ चलने के लिए बच्चों के लिए डिजिटल शिक्षा जितनी जरुरी हैं, वहीँ डिजिटल शिक्षा के अपने कई नुकसान भी हैं। जैसे-

डिजिटल शिक्षा को पाने के लिए लोगों को कई उपकरणों को लेना होता है। जो काफी महंगे होते हैं। यही कारण है कि डिजिटल शिक्षा देने वाले अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय स्कूल और विद्यालय नियमित स्कूलों की तुलना में अधिक महँगें होते हैं। इसी कारण डिजिटल शिक्षा पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

पारम्परिक किताबी शिक्षा से हम घर हो या स्कूल कही भी पढ़ाई कर सकते हैं। जबकि डिजिटल शिक्षा के लिए न केवल स्कूल में बल्कि घर में भी सस्ते ब्रॉडबैंड में उचित आधारभूत संरचना की आवश्यकता होती है।

समय का पाबंद होना आज के समय में बहुत जरुरी है। वहीँ डिजिटल शिक्षा के तहत सीखने के लिए बेहतर प्रबंधन और कठोर योजनाओं की जरुरत होती है, जबकि पारंपरिक रूप में कक्षा में बैठ कर पढ़ने में सब कुछ एक निश्चित समय सारिणी के अनुसार होता है।

यूँ तो इंटरनेट पर सभी जवाब आसानी से प्राप्त हो जाते हैं, जिससे छात्रों को कभी किसी विषय पर पढ़ते हुए ज्यादा सोच विचार करने की जरुरत नहीं होती। जिस कारण छात्रों की बुद्धि एक दायरे में ही सीमित हो जाती है। जिससे बच्चों की रचनात्मक क्षमता में कमी आती है।

डिजिटल शिक्षा चाहे कितनी ही सुविधा छात्रों को उपलब्ध करा दे। लेकिन इस सुविधा के कारण छात्रों में अध्ययन की ख़राब आदतों को बढ़ावा मिल रहा है। जो छात्रों में आलसी दृष्टिकोण को धीरे धीरे विकसित कर रहा है। जिससे छात्र अपंनी सोच और झमताओं को छोड़ पूरी तरह से इस पर निर्भर हो रहे हैं। देखा जाये तो डिजिटल शिक्षा छात्रों में शिक्षा के बुनियादी तरीके को भुला रही है। यहाँ तक कि अब बच्चे मामूली समस्याओं और होमवर्क के लिए भी डिजिटल साधनों की सहायता ले रहे हैं।

डिजिटलाइजेशन के तहत सबसे ख़राब बात यह सामने आती है की यहाँ पर कई प्रकार की सामग्री होती है, जो छात्रों के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसमें बहुत सारी चीजे ऐसी है, जो बच्चों के लिए अच्छी नहीं होती, यदि इस सामग्री पर छात्रों की पहुँच होती है, तो यह उनका भविष्य बर्बाद कर सकती हैं।

अंत में उपर्युक्त पाठ का यही सार निकलता है की आज के समय में डिजिटल शिक्षा जरुरी तो है, लेकिन इसका उपयोग एक हद तक और किसी की देख रेख में ही होना चाहिए। जिससे इस तकनीक का छात्रों को पूरा पूरा लाभ मिले, वहीँ उनका मानसिक, शारीरिक और चारित्रिक हनन भी न हो।

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स्थानीय लक्कड़पुर फाटक के एच ब्लाक डेरा पर मंदिर के निकट खोले गए शराब ठेके के विरोध में आज स्थानीय लोगों ने भारी प्रदर्शन कर इसे यहां से तुरंत हटाने का प्रशासन को अल्टीमेटम दिया

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )।स्थानीय लक्कड़पुर फाटक के एच ब्लाक डेरा पर मंदिर के निकट पुलिस की मिलीभगत से अवैध रूप से खोले गए शराब ठेके के विरोध में आज स्थानीय लोगों ने भारी प्रदर्शन कर इसे यहां से तुरंत हटाने का प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यह ठेका नहीं हटा तो एक जून को इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए खदेड़ भी दिया। प्रदर्शनकारी महिला-पुरुषों का कहना है कि यह शराब ठेका पहले लक्कड़पुर फाटक के दूसरी ओर था लेकिन अब ठेकेदार ने पुलिस की सांठगांठ से ठेके को इस ओर मंदिर, स्कूल व सब्जी मंडी के निकट बना लिया है, जिससे यहां मंदिर में आने वाले भक्तगणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि शराब ठेके के आसपास असामाजिक तत्व हमेशा मंडराते रहते हैं और आने-जाने वाली छात्राओं के साथ-साथ बहन-बेटियों की ओर अश्लील इशारे करते हुए फब्तियां कसते हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि शराब ठेके के निकट ही सब्जी मंडी है, जहां हर उम्र की महिलाएं सब्जी की खरदादारी करने के लिए आती हैं, जिन्हें शराब ठेके के चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परेशानी को लेकर आज स्थानीय लोगों ने शराब ठेके को हटवाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया लेकिन यहां पुलिस ने ठेकेदार का पक्ष लेते हुए उल्टे प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त शराब ठेके को यहां से जल्द से जल्द हटाया जाए नहीं तो आगामी 1 जून को इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।प्रदर्शनकारियों में साधना, विमलेश, रानी, अनीता, सुनीता, मंजू, रेणु,संगीता, आशा, असगरी, कंचन, लोंगश्री, पूनम, चंद्रकला, रामकली, बबीता, रुकसाना, रेखा, कुसमा, सुमन, शशि, गुड्डी, खुशबू, अर्जुन सिंह, अम्मू अग्रवाल, हिमांशु, योगेश अग्रवाल, सुभाष, शामू अग्रवाल, उमेश, अशोक अग्रवाल, मुन्ना भदौरिया, हरकेश, देवी, रामा झा, मोहन, कमलकांत, देवीलाल, सुरेश, लल्लन, ईश्वर प्रसाद, सतेन्दर, रवि, हेमंत, विनोद व जुबेर आदि महिला-पुरुष शामिल थे।

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फरीदाबाद के 40 मीडिया कर्मियों को कोरोना योद्धा अवार्ड से नवाजा गया :- प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश फोगाट(शिक्षाविद )

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )।सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन ने डिजिटल अवार्ड ऑफ एक्सिलैंसी-2020 के तहत फरीदाबाद के 40 मीडिया कर्मियों को कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया है। मीडिया कर्मियों को ये अवार्ड कारोना काल में अपनी जान जोखिम में डाल कर देश को जागरुक करने व गरीबों व जरुरतमंदों की आवाज उठाने में इनके सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है।यह जानकारी देते हुए राह ग्रुप फाउंडेशन की इकाई राह क्लब के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश फोगाट व सलाहकार राजीव पंवार ने बताया कि डिजिटल अवार्ड ऑफ एक्सिलैंसी-2020 के दूसरे चरण में शेष मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। फोगाट के अनुसार मीडिया कर्मियों को कोरोना योद्धा अवार्ड प्रदान करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। कोरोना काल में आपने अपनी जान जोखिम में डाल कर जो कार्य किया है। उसकी इतिहास में दूसरी मिसाल मिलना मुश्किल है। राह ग्रुप के प्रवक्ता के अनुसार इन अवार्डों का चयन राह ग्रुप फाउंडेशन के चेयरमैन नरेश सेलपाड़ की अगवाई में बनी कमेटी में किया गया।

राह ग्रुप फाउंडेशन के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेश सेलपाड़ के अनुसार इस कोरोना काल में प्रदेश की जनता व मीडिया कर्मियों ने ऐतिहासिक रुप से सराहनीय कार्य किया है। उनके अनुसार कोरोना काल में चिकित्सकों, मीडिया कर्मियों व स्वास्थ्य कर्मियों ने जो सेवा की है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी जान को जोखिम में डाल कर देश की जनता को कोरोना के प्रति जागरुक करने वाले मीडिया कर्मियों व सफाई कर्मियों को इस दौरान अवार्ड में विशेष तवज्जों दी गई है। राह ग्रुप ग्रुप फाउंडेशन के प्रवक्ता के प्रत्येक वर्ष जहां जून माह में राह ग्रुप फाउंडेशन अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस के तहत बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न हस्तियों को सम्मानित करता है, मगर इस बार कोरोना काल को देखते हुए यह सम्मान सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ऑनलाईन आयोजित किया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले राह ग्रुप फाउंडेशन ने ही प्रदेश सरकार से मीडिया कर्मियों को कोरोना योद्धा की श्रेणी में शामिल करके उन्हें हर संभंव मदद देने व उन्हें सरकार की ओर से मदद करने की मांग उठाई थी। उसके बाद ही प्रदेश सरकार ने मीडिया कर्मियों का बीमा करवाने का ऐलान किया था।

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फरीदाबाद में अमन गोयल का नाम युवा भाजपा नेता के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सभी जानते है

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )। फरीदाबाद में अमन गोयल का नाम युवा भाजपा नेता के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सभी जानते है| अमन गोयल फरीदाबाद के लिए एक ऐसा चेहरा है जो जरूरत मंदो के साथ सदैव खड़े होकर उनके दुःख दर्द को बाटते हुए उनकी हर संभव मदद करने के लिए अग्रणी रहते है.देश में कोरोना महामारी का प्रकोप निरंतर अपने चरम पर है और अमन गोयल प्रतिदिन कही न कही अपने क्षेत्र की जनता के हित में यथा संभव मदद पंहुचा रहे है| अमन गोयल ने तिगांव विधानसभा में वर्तमान विधायक राजेश नागर एवं सुरजीत अधाना जिला पार्षद के साथ घरों में समाचार पत्र वितरण करने वाले लोगों को राशन ,प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई, सैनिटाइजर ,मास्क प्रदान कर लोगो से सुरक्षित रहने हेतु अपील की.
इनका लोगो के प्रति उदार भाव ही इन्हे फरीदाबाद में एक अलग पहचान दिलाता है.

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विधायक राजेश नागर ने अखबार हॉकर्स को बताया कर्मयोगी

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )। तिगांव से भाजपा विधायक राजेश नागर ने आज ग्रेटर फरीदाबाद के अखबार वितरकों को सूखा राशन वितरित किया। उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में भी लोगों को सूचना प्रदान करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हॉकर वास्तव में कर्मयोगी हैं। इस अवसर पर पूर्व केबिनेट मंत्री विपुल गोयल के बड़े भाई विनोद गोयल व भतीजे अमन गोयल ने भी हजारों लोगों को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली होम्योपैथी दवा वितरित की।आज ग्रेटर फरीदाबाद में न्यूज एजेंसी पर पहुंचे विधायक राजेश नागर का जोरदार स्वागत किया गया। विधायक ने सभी हॉकर्स का हाल चाल जाना और उन्हें सूखा राशन प्रदान करते हुए अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए कार्य करने की बात कही। नागर ने कहा कि आप लोगों के सक्रिय योगदान के कारण ही आज सभी को घर बैठे सही सूचनाएं प्राप्त हो पा रही हैं। ऐसे समय में जब व्यक्ति घर से नहीं निकल रहा हैए आपने अखबार घरों तक पहुंचा कर सभी पर उपकार ही किया है। आप वास्तव में कर्मयोगी हैं।इस अवसर पर पूर्व केबिनेट मंत्री विपुल गोयल के बड़े भाई विनोद गोयल व भतीजे अमन गोयल ने भी मौजूद लोगों को होम्योपैथी दवा वितरित की। इस दवा की तीन डोज से ही व्यक्ति की इम्यूनिटी बढ़ जाती है। विनोद गोयल ने कहा कि इस कोरोना से इम्यूनिटी बढ़ाकर ही जीता जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस दवा की चार गोलियां तीन दिन सुबह लेने से ही इम्यूनिटी में बड़ा बदलाव होता है। जिससे काफी राहत मिलती है। गौरतलब है कि कोरोना कमजोर इम्यूनिटी वालों पर ज्यादा हमला करता है।इस अवसर पर एजेंसी संचालक राजेश नागर, जिला पार्षद सुरजीत अधाना, देेवेंद्र खारी, पराग संधू, शरद सिंह, सौरव जैन आदि ने विधायक का जोरदार स्वागत किया।

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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हरियाणा के प्रवक्ता नियुक्त किए गए शिक्षाविद दीपक यादव

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, हरियाणा एक जिम्मेदार और शहर की सबसे पुरानी संस्था है जो हमेशा से ही शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए प्रयासरत रही है। उक्त विचार दीपक यादव ने एसोसिएशन के प्रवक्ता नियुक्त किए जाने पर अपनी बात रखते हुए कहा कि एसोसिएशन जो उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है उसके लिए वे प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश डागर का धन्यवाद प्रकट करते हैं साथ ही वे यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि वे संस्था की सभी जिम्मेदारियों को निर्वहन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे एसोसिएशन और अभिभावकों के बीच एक बेहतर तालमेल स्थापित कर सकें ताकि स्कूलों और अभिभावकों के बीच आपसी सहयोग से शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके। दीपक ने कहा कि स्कूल और अभिभावक दोनों मिलकर शिक्षा के स्तर को सुधार सकते हैं। दीपक ने सरकार से स्कूल एवं अभिभावकों के सहयोग करने की अपील की।

https://www.facebook.com/watch/live/?v=232869017935850&ref=watch_permalink

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एमएसएमई सेक्टर के समक्ष आने वाली समस्याओं व चुनौतियों की पहचान की जा रही हैं :-एच० के० बत्रा (प्रधान )फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज /फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान वीरभान शर्मा

फरीदाबाद। एमएसएमई सेक्टर के समक्ष आने वाली समस्याओं व चुनौतियों की पहचान की जा रही हैं और इस संबंध में समाधान किए जाएंगे ताकि एमएसएमई सेक्टर की समस्याओं का निराकरण किया जा सके।
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने यहां एक वेबीनार में यह उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि एमएसएमई सेक्टर की समस्याओं से सरकार अवगत है और यह प्रयास किए जा रहे हैं कि संबंधित समस्याओं का समाधान शीघ्र अति शीघ्र किया जाए।
कन्फरडेशन ऑफ फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस इन्ट्रेक्शन मीट में 8000 से अधिक औद्योगिक प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर के समक्ष फंडिंग को लेकर जो समस्याएं हैं, उसके प्रति सरकार गंभीर हैं और आने वाले समय में इस संबंध में ठोस नीति तैयार की जाएगी।
फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन,मैन्युफैक्चरस एसोसिएशन फरीदाबाद, फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फरीदाबाद स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और लघु उद्योग भारती के सांझे मंच कन्फरडेशन ऑफ फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से श्री गडकरी का स्वागत करते हुए रोहित रूंगटा ने विश्वास किया कि यह वेबीनार एमएसएमई सेक्टर के लिए उत्साहवर्धक रहेगा।
फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान एचके बतरा ने सैलरी व वेतन संबंधी समस्या श्री गडकरी के समक्ष रखी। बत्रा ने कहा कि उद्योगों में लाक डाउन के दौरान कार्य पूरी तरह से ठप रहा। इस दौरान कोई भी बिक्री नहीं हुई और ना ही कोई राजस्व मिला।
आपने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि अप्रैल ही नहीं आगे तीन-चार माह का वेतन जोकि सितंबर 2020 तक बनता है, सरकार प्रदान करें।
बत्रा ने अप्रैल, मई और जून का वेतन ईएसआईसी द्वारा प्रदान करने की मांग करते हुए कहा कि ईएसआई के पास 80,000 करोड का फंड है जिसे मौजूदा समय में प्रयोग किया जा सकता है।
डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जेपी मल्होत्रा ने गडकरी का ध्यान प्रोविडेंट फंड की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि यदि वेतन ₹15000 से अधिक है तो भी श्रमिक व कामगार के अंश का भुगतान सरकार करें, वर्तमान में ₹15000 तक के वेतन व 90% वर्क फोर्स की शर्त को हटाया जाए।
मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान अजय जुनेजा ने कहा कि 20 मार्च से 3 मई तक उद्योगों में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं हुआ, ऐसे में सभी प्रकार के फिक्स चार्जेस, न्यूनतम कंजंम्पशन चार्जेस, निकाय कर, जो कि बिजली के बिलों का हिस्सा है, को सितंबर 2020 तक माफ किया जाना चाहिए।

फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान वीरभान शर्मा ने सिडबी द्वारा सेफ लोन के तहत कोरोना से बचाव का सामान बनाने वाली इकाइयों को 50 लाख रुपए का लोन 5% ब्याज दर पर देने का स्वागत करते हुए इस योजना का विस्तार सभी एमएसएमई सेक्टर के लिए करने का आग्रह किया। शर्मा ने सभी बैंकों में एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए पैकेज की मांग भी की, तथा सरकार द्वारा घोषित 3 लाख करोड़ के 100% धरोहर मुक्त ऋण का ब्याज भी 5% करने की अपील की ।

फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जी एस त्यागी ने उन एमएसएमई सेक्टर का भुगतान तुरंत करने का आग्रह किया जो बड़े उद्योगों के पास लंबित हैं और जिन्हें 120 दिन से अधिक का समय हो चुका है। त्यागी ने सरकार से भी आग्रह किया कि वह उद्योगों का लंबित धन तुरंत प्रभाव से वापस करें।
लघु उद्योग भारती के प्रधान श्री रवि भूषण खत्री ने जीएसटी बेस्ड आयकर और टीडीएस संबंधी भुगतान को तुरंत करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे एमएसएमई सेक्टर को नकदी की समस्या से उभारा जा सकेगा।
श्री खत्री ने वर्किंग कैपिटल व टर्म लोन को ब्याज मुक्त करने का आग्रह भी किया।
फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव श्री आशीष जैन ने टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम के संबंध में कहा कि 1999 में यह स्कीम टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए आरंभ की गई थी, जो आज भी चल रही है। आपने बताया कि इस स्कीम के तहत ब्याज व कैपिटल सब्सिडी वर्तमान में चल रहे यूनिट और न‌ए यूनिटों को प्रदान की जाती है। श्री जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के लोकल वोकल संबंधी प्रोजेक्ट का लाभ निश्चित रूप से उद्योगों को मिलेगा।
श्री गडकरी ने औद्योगिक प्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप शीघ्र योजना तैयार करने का विश्वास दिलाया। आपने कहा की एमएसएमई सेक्टर के लिए ऊर्जा की उपलब्धता से जीडीपी में एमएसएमई सेक्टर की भागीदारी बढ़ेगी और 5 करोड़ का अतिरिक्त रोजगार बढ़ेगा जोकि तकनीकी अग्रेशन से ही संभव है।
कन्फरडेशन के संयोजक रोहित रूंगटा ने विश्वास किया कि एमएसएमई मंत्री के साथ यह वेबीनार निश्चित रूप से सभी वर्गों के लिए लाभदायक रहेगा।

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हयूमन लीगल ऐड एण्ड क्राईम ऑर्गनाईजेशन के तत्वाधान में ओल्ड फरीदाबाद पुलिस थाना में बांटे गए दवाईया एवं मास्क

फरीदाबाद(विनोद वैष्णव )। हयूमन लीगल ऐड एण्ड क्राईम ऑर्गनाईजेशन के तत्वाधान में ओल्ड फरीदाबाद पुलिस थाना में पुलिस के जवानों को आयुष मंत्रालय द्वारा होम्योपैथिक दवाईयां बांटी गई। संस्था की महासचिव राधिका बहल ने एवं एनजीओ के सदस्यों ने मिलकर थाने परिसर में पुलिस के जवानों को रोग प्रतिरोधक क्षमता में मदद करने वाली होम्योपैथिक दवाई तथा मास्क भेंट किए । उन्होंने बताया कि हमारे पुलिस के जवान इस महामारी में 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं जोकि सराहनीय कदम है । कोविड-19 के दौरान ड्यूटी देते हुए तैनात पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने में ये दवाईयां जोकि भारत सरकार द्वारा जारी होम्योपैथिक दवाईयां हैं, काफी कारगर साबित होगी। इसके साथ ही संस्था की महासचिव ने फरीदाबाद की जनता से अपील की है कि जब तक जरूरी काम ना हो तब तक घर से बाहर न निकलें ओर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन का हर संभव सहयोग करें। इस महामारी में हम सब मिलकर एक दूसरे के सहयोग करें।

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जिला परिषद् वार्ड नं0 6 से प्रबल निर्दलीय उम्मीदवार होंगी गौरी चौधरी

वार्ड नं0 6 से की प्रबल निर्दलीय उम्मीदवार होंगी गौरी चौधरी

बल्लबगढ़ (विनोद वैष्णव )। ग्राम शाहुपरा वार्ड नं0 6 से अपनी मजबूत दावेदारी के साथ गौरी चौधरी धर्मपत्नी धर्मेन्द्र चौधरी पत्रकार आगामी चुनाव मैदान में उतरने का मन बना लिया है। उनके इस दावेदारी को मजबूत करने में धर्मेन्द्र चौधरी के साथ-साथ गांव के वरिष्ठ लोगों ने भी इनके चुनावी दावों को मजबूत करने का मन बना लिया है। निर्दलीय उम्मीदवार तथा महिला उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने के कारण गांव वासियों ने भी गौरी चौधरी का अपनी पूरी दावेदारी देकर उनके हाथों को मजबूत किया है। आज पत्रकारवार्ता के दौरान धर्मेन्द्र चौधरी ने बताया कि गावं शाहुपुरा के साथ गांव प्याला, सागरपुर, खंदावली, कैली, मलेरना, सुनपेड़, डींग, सोतई, नंगला भटपुरा आदि गावों से भारी जन समर्थन मिल रहा है। वार्ड नं0 6 के लोगों का कहना है कि अबकी बार प्रबल दावेदारी के रूप में निर्दलीय उम्मीदवार गौरी चौधरी को हमारा पूरा समर्थन मिलेगा। हमें विश्वास है कि महिला उम्मीदवार होने के साथ-साथ धर्मेन्द्र चौधरी एवं उनके परिवार की साफ छवि काफी प्रभाव पूर्ण है, जिसके चलते गांव का चहुंओर विकास होगा। गौरी चौधरी ने बताया कि गांव में महिलाओं के उत्थान एवं समाजसेवी का जज्बा लेकर मैं अपने परिवार के साथ पूरी तन्मयता, निष्पक्षता एवं कर्मठता से कार्य करूंगी और गांव वासियों का विश्वास जीतूंगी ।